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Tuesday, 24 January 2017

Why Sanskrit as an Optional ?

सबसे पहले उन अभ्यर्थियों की बात करते हैं जिनका Background संस्कृत नहीं रहा है, क्या उनको संस्कृत वैकल्पिक विषय लेना चाहिए ?

मेरा जहाँ तक अनुभव है , संस्कृत लगभग सभी छात्रों की पृष्टभूमि रही होती है क्योंकि Class 9th, 10th तक  सबने इतनी संस्कृत पढ़ी होती है ,जितनी UPSC में अच्छे अंक लाने के लिए पर्याप्त होते हैं। संस्कृत सब्जेक्ट बिल्कुल सामान्य Maths की तरह है, अगर थोड़ा सा भी ध्यान लगाकर पढ़ा जाय तो अच्छे अंक लाना अन्य Subjects की अपेक्षा काफी Easy है। 
                  Last Years के संस्कृत Optional से Mains देने वालों का रिजल्ट देखने से आपको पता लगेगा की उनमे से 90% लोगों का Background B.TECH  या MBBS या कुछ और Technical रहा है। अतः इससे ये पता चलता है की संस्कृत एक तरह से Technical Subject है।  

संस्कृत साहित्य वैकल्पिक विषय चुनने के फायदे -

१. आपका पहला उद्देश्य किसी भी विषय को चुनने से पहले ये होता है की कम समय में ज्यादा Marks ले आना अतः संस्कृत विषय आपका ये उद्देश्य पूर्ण करने के लिए सबसे सरल विकल्प है। 
२. बहुत छोटा व स्पष्ट  Syllabus है जिसको आसानी से 2  महीने में अच्छी  तरह पढ़ा जा सकता है। 
३. Unseen Passage से एकदम आसान 50 Marks का प्रश्न, जो की किसी और Subject में नहीं है। 
४. संस्कृत का Syllabus परिवर्तनशील नहीं है।
५. मात्र 3 Question के Answer संस्कृत में लिखना Compulsory है। 

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